
UP BJP Mission 2027: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने ‘मिशन 2027' का औपचारिक चुनावी शंखनाद कर दिया है। राजधानी लखनऊ में नवगठित प्रदेश कार्यसमि...
UP BJP Mission 2027: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने ‘मिशन 2027' का औपचारिक चुनावी शंखनाद कर दिया है। राजधानी लखनऊ में नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की एकदिवसीय महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाने और लगातार तीसरी बार राज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का रणनीतिक खाका तैयार किया गया।
इस उच्चस्तरीय बैठक के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को जीत का मूलमंत्र दिया।
गृह मंत्री अमित शाह सुबह करीब 10:30 बजे लखनऊ पहुंचे, जहां लगभग साढ़े तीन घंटे के अपने प्रवास के दौरान उन्होंने तीन सत्रों वाली इस बैठक को संबोधित करेंगे और संगठन की माइक्रो-मैनेजमेंट रणनीतियों की समीक्षा करेंगे ।
उनका लखनऊ में करीब साढ़े तीन घंटे का कार्यक्रम है। लगभग 3000 पदाधिकारियों की जुटान वाले इस कार्यक्रम के साथ ही पार्टी चुनावी अभियान शुरू करती दिखाई देगी। यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के साथ ही भाजपा अपने चुनावी कार्यक्रमों की शुरुआत करेगी। तकरीबन तीन हजार से ज्यादा पदाधिकारियों के जुटान की उम्मीद है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में पार्टी द्वारा आगामी राजनीतिक एजेंडे को लेकर एक विस्तृत राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश बदहाल स्थिति में था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह बदल चुकी है और आज पूरा देश यूपी के सुरक्षा और विकास मॉडल की तारीफ कर रहा है। कार्यसमिति में विपक्ष की तरफ से गढ़े जा रहे नकारात्मक आख्यान को काटने के लिए पुख्ता रणनीति पर सहमति बनी।
भाजपा की इस कार्यसमिति बैठक के बाद राज्यभर में व्यापक संगठनात्मक अभियान शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत गैर-यादव ओबीसी, गैर-जाटव दलित और सवर्ण समुदायों के सामाजिक समीकरणों को और मजबूत करते हुए बूथ कमेटियों को पुनर्गठित किया जाएगा।
बैठक के तुरंत बाद पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा राज्यभर में पदयात्राएं और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे। शक्ति केंद्र संयोजकों और बूथ अध्यक्षों के सीधे समन्वय से दीवाली के बाद पूरे राज्य में आक्रामक चुनावी कैंपेन चलाया जाएगा। अमित शाह की मौजूदगी और शीर्ष नेतृत्व के इस साझा मंथन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी हलचल काफी तेज हो गई है।
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