
Naseeruddin Shah: राजधानी के प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन लगातार तूल पकड...
Naseeruddin Shah: राजधानी के प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के बीच प्रशासन के विश्वविद्यालय परिसर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू किए जाने के बाद इस मामले में मशहूर फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी खुलकर सामने आ गए हैं।
उन्होंने छात्रों के समर्थन में एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ तीखा हमला बोला है।
जामिया में छात्रसंघ की बहाली और अन्य मांगों को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल का सिलसिला जारी है। आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने धरनास्थल खाली करने का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस ने विश्वविद्यालय के आसपास धारा 163 लागू कर दी है।
इस दौरान छात्रों के हॉस्टल के पास बने गेट नंबर चार-सी को प्रशासन द्वारा टिन शेड लगाकर वेल्डिंग कर बंद किए जाने की भी खबर सामने आई थी, जिसे बाद में छात्रों ने विरोध स्वरूप तोड़ दिया। परिसरों में बिजली-पानी रोके जाने और छात्रों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने को लेकर शैक्षणिक गलियारों में नाराजगी का माहौल है।
छात्रों पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस पहरे के बीच अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे बेहद आक्रामक अंदाज में सरकार से सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें और असहमति जताने वाले लोगों को कई तरह के तगमे दिए जाते रहे हैं।
नसीरुद्दीन शाह ने अपने बयान में कहा, “मैं फख्र के साथ कहता हूं कि मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए गए हैं, जैसे एंटी नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और न जाने क्या-क्या।” उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए सरकार और कितना कुछ करेगी?
अपने तीखे संदेश में अभिनेता ने आरोप लगाया कि देश के विश्वविद्यालयों में वैचारिक असहमति और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) और अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों के साथ जो सलूक किया जा रहा है, उसे इतिहास याद रखेगा। सब कुछ याद रखा जाएगा।
फिलहाल जामिया परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पुलिस प्रशासन की तैनाती के बीच छात्रों का आंदोलन और उस पर सियासत व बुद्धिजीवियों की प्रतिक्रियाएं लगातार तेज बनी हुई हैं।
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